Ho Jao Tayyar Sathiyo


Ho Jao Tayyar Sathiyo


हो जाओ तय्यार साथियों

------------------------------------------------------------------------------------------------------------

हो जाओ तय्यार साथियों, हो जाओ तय्यार ||
अर्पिता कर दो तन-मन-धन, मांग रहा बलिदान वतन
अगर देश के काम न आए तो जीवन बेकार || १ ||

सोचने का समय गया, उठो लिखो इतिहास नया
बंसी फेंको और उठा लो हाथो में तलवार || २ ||

तूफानी गति रुके नही, शीश कटे पर झुके नही
ताने हुए माथे के सम्मुख ठहर न पाती हार || ३ ||

काँप उठे धरती अम्बर, और उठा लो ऊंचा स्वर
कोटि कोटि कंठों से गूंजे धरम की जे जयकार || ४ ||


Ho Jao Tayyar Sathiyo
Ho Jao Tayyar Sathiyo

Post a comment

0 Comments