Amhi Hindu Hi Tar Amachi (Marathi)


Amhi Hindu Hi Tar Amachi (Marathi)

आम्ही हिंदु ही तर आमची

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आम्ही हिंदु ही तर आमची स्वभाविक ललकारी रे
राष्ट्रभक्तीची विराट शक्ती प्रकटे जागृत भारी रे ॥

मायभूमीच्या कणाकणाचे प्रेम आमुचे प्राणपणाचे
मायभूमीचि सर्व लेकरे समान आम्हा प्यारी रे ॥

ही समता ना ओठावरती बंधुत्वाची हृदयी ज्योती
पहा पहा ही फाडुनी छाती फिटेल शंका सारी रे ॥

परंपरांचा मान राखतो क्षुद्र रुढींचे हीण जाळतो
नव्या युगाचे शिल्प कोरिता अयोग्य उडवू दूरी रे ॥

संतजनांच्या अध्यात्माची वीरवरांच्या हौतात्म्याची
दिव्य प्रेरणा परमार्थ्याची स्वार्थ अहंता मारी रे ॥

संघटनेने बळ साधावे दारिद्रयाचे पाश तुटावे
समर्थ मंगल जीवन अमुचे विश्वास्तव शुभकारी रे ॥
Amhi Hindu Hi Tar Amachi (Marathi)
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