Dhanya Ase Jatikuli (Marathi)


Dhanya Ase Jatikuli (Marathi)

धन्य असे जातकुळी

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धन्य असे जातकुळी हिन्दु आहो रे बंधु आहो रे
आजवरी भांडलो रीत कशी रे अशी रीत कशी रे ॥ध्रु॥

पोटाला ना भाकरी नाही कुठं चाकरी
हक्काची ना ओसरी पंघराया लक्तरी
काम बुडे धाम बुडे कर्ज चढे रे ॥१॥

घासभरी अन्नासाठी राबतात सगळे
हिन्दु काय वेगळे शेतातील ढेकळे
जन्मभरी राबुनिया सूख नसे रे ॥२॥

खडकाळ दुहीचे शेत चला नांगरू
हिन्दुंचिया एकीचे बी-बियाणे वापरू
पिकल्या शेतावाणी पहा देश डुले रे ॥३॥

भगवा ध्वज देवळी देवराया सावळा
भक्त त्याच देवाचा तितुकाच सोवळा
देवपूजनात कसा धर्म बुडे रे ॥४॥

सारे हिन्दु जमवू त्यांना हेच शिकवू
भयभीती घालवू सारा देश हालवू
आपुल्याच एकीमुळे मोक्ष मिळे रे ॥५॥
Dhanya Ase Jatikuli (Marathi)
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