Ek He Varadan Aai Ek He Varadan (Marathi)


Ek He Varadan Aai Ek He Varadan (Marathi)

एक हे वरदान आई एक हे वरदान दे

--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

एक हे वरदान आई एक हे वरदान दे
संभ्रमी पार्थास या गीतेवरी तू जाण दे ॥ध्रु॥

तू जगाची जन्मदा तू वीरप्रसवा माउली
तू अनादी थोरवी तव देवतांनी गाइली
आज आम्हा हिंदु मी हे सांगण्या अभिमान दे ॥१॥

विस्मृतीने लोपलेल्या अस्मितेला जाग दे
प्रलकारी भैरवाचा क्रोध रणराग दे
अंतरी वेदांतले ते पुण्यपावन ज्ञान दे ॥२॥

हिन्दु हिन्दु एक अवघा भावना ही जागवी
देशभक्तीची चिरंतन ज्योत हृदयी चेतवी
नित्य अधरी आमुच्या तव कीर्तीचे यशगान दे ॥३॥

दाटता नैराश्यतम तू स्फूर्तिचा आलोक दे
विसरता पथ साधनेचा जागृतीची हांक दे
संकटांचा पंथ दे पण पार करण्या त्राण दे ॥४॥

तव पुरातन वैभवाचे स्वप्न नित या लोचनी
केशवाने दाविलेले ध्येय अमुच्या जीवनी
पूर्ण व्हाया ते करी या राघवाचा बाण दे ॥५॥
Ek He Varadan Aai Ek He Varadan (Marathi)
Ek He Varadan Aai Ek He Varadan (Marathi)

Post a Comment

0 Comments